व्याप्त है विपुल हर्ष कविता कोश ने पूर्ण किये तीन वर्ष कविता का यह महासागर बनने को उद्यत है हिन्दी काव्य का विश्वकोश। वह दिन दिखता है मुझे हस्तामलक समान जब कविता कोश में होगा काव्य की हर जिज्ञासा का स