‘‘तू से आप और आप से सर’’ (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

लगभग 25 वर्ष पुरानी बात है। उस समय उत्तराखण्ड राज्य नही बना था। विशाल उत्तर-प्रदेश था। मेरा निवास उन दिनों नेपाल सीमा पर बसे छोटे से स्थान बनबसा में हुआ करता था। बनबसा में उस समय पुलिस-थाना भी नही था।