मीलों आगे चलते हुये अनवरत तलाश ...अंधरे पथ को टटोलने की कोशिश...मंजिल का पता नहीं...सुबह कोसों दूर। बादलों से घिरा आससान, रिमझिम बूंदे, फिजा में फैली हुई धरती की सोंधी महक, घने वृक्ष के तले लुप्त होती